उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अफसर रिंकू सिंह राही इस्तीफे के बाद से लगातार सुर्खियों में हैं. इस्तीफा देते हुए उन्होंने कई आरोप भी लगाए हैं, जिस पर सियासत भी तेज है. इस मामले में अब सपा मुखिया अखिलेश यादव की एंट्री हो गई है. उन्होंने रिंकू सिंह के इस्तीफे को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, कुशल अधिकारियों की बीजेपी सरकार में कोई अहमियत नहीं है. बीजेपी में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5% का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं.
अखिलेश यादव ने इसी पोस्ट में आगे लिखा, हर अच्छे अधिकारी से हमारी मांग है कि भावावेश में आकर कोई फैसला न करें, बुरे दिन जाने वाले हैं. पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान और असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी.
पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा
सपा मुखिया ने कहा, क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती है. अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा क़द्र की है और आगे भी करेंगे. पीड़ित अधिकारी हो या कर्मचारी सभी बीजेपी को हटाने के लिए पीडीए के साथ हैं. पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है क्योंकि जो पीड़ित, वो पीडीए.
इस्तीफा देते हुए रिंकू सिंह ने क्या कहा?
IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने मंगलवार को इस्तीफा दिया. उन्होंने राज्य सरकार पर पोस्टिंग ना देने का आरोप लगाया. अपने पत्र में उन्होंने ना कोई पोस्टिंग और ना कोई कार्य आवंटन करने का आरोप लगाया. 2022 बैच के IAS रिंकू सिंह राही शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए वकीलों के सामने उठक-बैठक करने को लेकर चर्चा में आए थे. इसके बाद सरकार ने उन्हें राजस्व परिषद से अटैच कर दिया था. रिंकू ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के बाद उन्हें साइडलाइन किया गया.
